...जब अपनी ही दुर्लभ खोज पर पछताए नोबेल, प्रतिष्ठित पुरस्कार के अनछुए पहलू Dipraj Sarkar Tuesday, November 27, 2018 1864 को कारखाने में डाइनामाइट से भयंकर विस्फोट हुआ और पूरा का पूरा कारखाना तबाह हो गया। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों के साथ साथ उनके भाई की भी मृत्यु हो गई। from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2Rf03HB