रोज 25 किलोमीटर की दौड़, पहनने को जूते नहीं, न पर्याप्त खुराक, पिता हैं मजदूर Dipraj Sarkar Saturday, December 01, 2018 कौशल्या को छत्तीसगढ़ में लोग उड़नपरी के नाम से ही बुलाते हैं। मौसम कोई भी हो, कौशल्या गांव के कच्चे रास्ते पर सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक दौड़ती हैं। from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2zwC4g7