रामदेव ने कहा, “यह गुनाह की पराकाष्ठा थी. आपने सिर्फ संदेह के आधार पर एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया और नौ सालों तक उसे शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी. उन्हें जिस तनाव से गुजरना पड़ा उससे वह शारीरिक रूप से कमजोर और कैंसर से प्रभावित हो गईं. वह आतंकवादी नहीं बल्कि राष्ट्रवादी महिला हैं.”
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