खुद नहीं पढ़-लिख सके, ठेले पर चना-भूंजा बेच बेटे को बनाया आइआइटीयन Dipraj Sarkar Wednesday, May 29, 2019 पिता राजू प्रसाद कहते हैं बेटे की सफलता की खबर सुनते ही जीवन के सारे कष्ट भूल गया। चने बेचकर बेटे को पढ़ाया। मेरे पास मकान छोड़ कुछ नहीं है। from Jagran Hindi News - news:national http://bit.ly/2I6V4Fv