बचपन से नहीं हैं आखें, लेकिन जुनून ऐसा कि कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधितत्व करेंगी सरिता चौरे Dipraj Sarkar Friday, August 02, 2019 जन्म से ही दृष्टिबाधित सरिता के पिता बांजराकला में ही मजदूरी करते हैं और अपने आर्थिक तंगी के बीच परिवार का पालन पोषण करते हैं. from Zee News Hindi: India News https://ift.tt/2GHLLfn