पितृ दिवस विशेष: जानिए कैसे नक्सलियों का साथ छोड़ने पर मिला पिता का सुख, ले रहे हैं खुशहाल जिंदगी का आनंद Dipraj Sarkar Sunday, June 21, 2020 नक्सली संगठन में रहकर जिंदगी दूभर हो गई थी। जंगल पहाड़ में छिपते-छिपाते दूसरों को प्रताड़ित करना पड़ता था। अब खुलकर जी रहे हैं। from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/3fDN5yQ